पन्ना धाय

01-02-2026

पन्ना धाय

डॉ. प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार (अंक: 293, फरवरी प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

पन्नाधाय ने निश्चय कर के
एक बड़ा निर्णय किया
उदय सिंह की जान बचा
नारी शक्ति को प्रबल किया।
देश प्रेम की शक्ति देखो
मन में राष्ट्र की भक्ति देखो
बलवीर की कुटिल चाल पर
माँ की ममता को वार दिया।
बेटे चंदन को सजा धजा
कुँवर की जगह सुला दिया
ख़ून के आँसू ख़ुद पी कर
हँसते-हँसते उत्सर्ग किया। 
राजपूताना मेवाड़ धरा पर
कुलदीपक बलिदान किया
दूध पिलाने वाली माँ ने 
आत्म समर्पण जीवन किया।
राजवंश की लाज बचाकर
सच्ची सेवक सिद्ध किया। 
लगा चरण रज माथे पर
उदय सिंह ने पन्ना धाय की
माँ माना सम्मान दिया। 
धन्य है माटी धन्य है माता
उदय सिंह को जीवनदान दिया। 
जयवंता की गोद से वीर शिरोमणि
महाराणा प्रताप देशभक्त-सा लाल मिला। 

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता
सांस्कृतिक आलेख
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी
हास्य-व्यंग्य कविता
अनूदित कविता
नज़्म
चिन्तन
कहानी
लघुकथा
विडियो
ऑडियो

विशेषांक में