बोला चाँद 

01-07-2026

बोला चाँद 

डॉ. ज़ियाउर रहमान जाफरी (अंक: 300, जुलाई प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

एक दिन मैंने देखा ख़्वाब
था बिल्कुल ही उलझा ख़्वाब 
 
गया था मैं आकाश के ऊपर 
मैंने देखा चाँद को पल भर 
 
बहुत उदासी में था चाँद 
मैंने उससे बोला चाँद 
 
बात हुई है तो कुछ बोलो 
ज़रा-सा अपना लब तो खोलो 
 
बोला चाँद मैं क्या बतलाऊँ 
दिन में मैं तो निकल न पाऊँ 
 
सूरज ज़ुल्म बहुत ढाता है
मेरी रोशनी खा जाता हैं

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