विशेषांक: दलित साहित्य

10 Sep, 2020

नदियों का देश हमारा
सर्वाधिक बरसात का भी
यूँ बाढ़ भी आई ही रहती है
मगर औरतें रात भर जागती हैं
मीलों चलती हैं 
गहरे कुओं में उतरती हैं
टैंकरों पर 
जान की बाज़ी लगाती हैं 
पानी के लिये...
पानी मर गया है
संसद की आँखों का

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