नफ़रत सोच समझकर कीजिए

15-01-2026

नफ़रत सोच समझकर कीजिए

पवन कुमार ‘मारुत’ (अंक: 292, जनवरी द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

नफ़रत नास्तिकों से सब सज्जन करते, 
किया क्या क़ुसूर कोई कुछ तो बतलाते। 
तौलकर तर्क-तराजू पर परखते हैं, 
बात बतलाते सच्ची साथी समझ जाते। 
 
ढोंग-ढकोसलों से करते किनारा केवल, 
वैज्ञानिक विचारधारा वाले गीत गाते। 
प्रहार पाखण्डों पर करे करारा “मारुत”, 
क्या इसलिए उन्हें तुम बुरा बतलाते? 

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