अब मैं क्या करूँ

15-12-2025

अब मैं क्या करूँ

पवन कुमार ‘मारुत’ (अंक: 290, दिसंबर द्वितीय, 2025 में प्रकाशित)

 

इधर मैं मोबाइल में मस्त था, 
शायद कोई कविता लिख रहा था। 
 
उधर मेरी प्राणप्यारी प्रियतमा प्रिया, 
सीरियल देखने में व्यस्त थी। 
 
समय सुहावना सुखद साँझ का, 
पर बड़ी उदास थी प्यारी पुत्री पुष्प-सी, 
रुआँसी होकर बैठी थी घर के कोने में। 
 
बोली बालिका बहुत उदास उन्मुनी होकर, 
डैडी, आप इधर मोबाइल देख रहे हो, 
और उधर मेरी मम्मा भी। 
अब मैं क्या करूँ? 

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