दिल फूल की तरह . . .

15-11-2025

दिल फूल की तरह . . .

प्रवीण कुमार शर्मा  (अंक: 288, नवम्बर द्वितीय, 2025 में प्रकाशित)

 

दिल फूल की तरह 
तभी खिलता है 
जब कोई साथी 
साथ चलता है। 
अंग अंग महक
जाता है 
जब कोई दिलबर
गले लगता है। 
दिल के रंग 
बसंत हो जाते हैं 
जब कोई 
अपना फाल्गुन मिल जाता है 

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