घोंसला प्रतियोगिता

नरेंद्र श्रीवास्तव

वन राजा के जन्मदिन पर
पशु-पक्षी थे आनंदित।
घोंसला प्रतियोगिता हुई
जंगल में आयोजित॥

बया, गलगल, चिड़ियों ने
बनाये घोंसले सुंदर।
कहाँ रहेंगे ये सोचकर
घबराये सब बंदर॥

जाकर राजा से बोले
हम पर दया दिखाओ।
पेड़ों पर जो बने घोंसले
उनको तो हटवाओ॥

राजा बोले, प्रजा हमारी
आपको दुःखी देख न पायें।
रहो आज भालू की लॉज में
हम पूरा खर्च उठायें॥

0 Comments

Leave a Comment

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता
बाल साहित्य कविता
हास्य-व्यंग्य कविता
नवगीत
कविता - हाइकु
विडियो
ऑडियो