दोस्ती बने मिसाल

01-04-2020

दोस्ती बने मिसाल

नरेंद्र श्रीवास्तव

पिंकू से बोले दादाजी
एक सीख तुम्हें सिखलायें।
निभाते हैं कैसे दोस्ती
ये आज तुम्हें बतलायें॥


दोस्त बनाओ जिसे भी तुम
उसका सदा साथ निभाना।
कभी ना विश्वास तोड़ना
और दिल ना कभी दुखाना॥


छल, कपट भूले ना करना
उसे कभी ना देना धोका।
बनो सहारा संकट पल में
जब भी आये ऐसा मौक़ा॥


मन में बात न रखना कोई
जो भी कहना साफ़।
जिससे भी हो जाये ग़लती
उसको करना माफ़॥


चोरी, चुगली बुरी चीज़ है
कभी नहीं ये करना।
नशा, शर्त, ज़िद, झगड़ों से
बच के सदा रहना॥


दोस्त साथ में हो तो उससे
छुप के कभी न खाना।
संकट में जब दोस्त रहे तो
उसे छोड़ न जाना॥


बनकर अच्छे दोस्त जहाँ में
दोस्ती ऐसे निभाना।
सब देंगे मिसाल तुम्हारी
यूँ जग में नाम कमाना॥

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

किशोर साहित्य कविता
कविता - हाइकु
बाल साहित्य कविता
कविता
किशोर साहित्य आलेख
बाल साहित्य आलेख
अपनी बात
किशोर साहित्य लघुकथा
लघुकथा
हास्य-व्यंग्य कविता
गीत-नवगीत
विडियो
ऑडियो

विशेषांक में