प्रमाण
सुरेंद्र कल्याण ‘बुटाना’
आजकल
हर आदमी
अपने होने का
प्रमाण लिए घूमता है।
पहचान-पत्र,
आधार,
हस्ताक्षर,
दस्तावेज़।
लेकिन
जब एक बच्चा
उससे पूछता है—
"आप अच्छे आदमी हो?"
तो
उसके पास
कोई प्रमाण नहीं होता।
आजकल
हर आदमी
अपने होने का
प्रमाण लिए घूमता है।
पहचान-पत्र,
आधार,
हस्ताक्षर,
दस्तावेज़।
लेकिन
जब एक बच्चा
उससे पूछता है—
"आप अच्छे आदमी हो?"
तो
उसके पास
कोई प्रमाण नहीं होता।