करुणा का घर

15-09-2026

करुणा का घर

सुरेंद्र कल्याण ‘बुटाना’ (अंक: 302, सितम्बर द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

जब दुनिया
लाभ और हानि में बँट रही थी,
 
तब भी कहीं
करुणा जीवित थी।
 
वह भूखे को दी गई रोटी में थी,
 
थके हुए कंधे पर रखे हाथ में थी,
 
और उस व्यक्ति में थी
 
जो स्वयं दुखी होकर भी
दूसरों को सांत्वना देता रहा।
 
मनुष्यता का अंतिम घर
करुणा ही है।

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