पृथ्वी

सुरेंद्र कल्याण ‘बुटाना’ (अंक: 299, जून द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

पृथ्वी
सबकी माँ है। 
वह किसी से
भेदभाव नहीं करती। 
अन्न उगाती है, 
जल देती है, 
छाँव देती है। 
फिर भी
मनुष्य उसे
सबसे कम समझता है।

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