एक अच्छा मनुष्य
सुरेंद्र कल्याण ‘बुटाना’
इस युग में
सफल होना कठिन है,
पर असम्भव नहीं।
धन कमाना कठिन है,
पर सम्भव है।
नाम कमाना भी
सम्भव है।
पर एक अच्छा मनुष्य बनना
सबसे कठिन कार्य है।
क्योंकि
उसके लिए
प्रतिभा नहीं,
चरित्र चाहिए।
उसके लिए
ज्ञान नहीं,
विवेक चाहिए।
उसके लिए
शक्ति नहीं,
संवेदना चाहिए।
एक अच्छा मनुष्य
वह है
जो दूसरों की पीड़ा को
अपनी सुविधा से ऊपर रख सके।
जो सफलता में
विनम्र रहे,
और असफलता में
धैर्यवान।
जो अपने लिए नहीं,
समाज के लिए भी सोच सके।
इतिहास
महान लोगों को याद रखता है,
पर मानवता
अच्छे लोगों के सहारे चलती है।
और शायद
जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि
यही है—
कि हमारे कारण
किसी का दुःख थोड़ा कम हुआ हो,
किसी की आशा थोड़ी बढ़ी हो,
और यह संसार
थोड़ा अधिक मानवीय बना हो।