समय का पेड़

15-06-2026

समय का पेड़

सुरेंद्र कल्याण ‘बुटाना’ (अंक: 299, जून द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

 

समय

किसी पेड़ की तरह बढ़ता है।

हम उसकी छाया में

जीते रहते हैं,

पर उसकी जड़ों को

नहीं देख पाते।

एक दिन

जब पीछे मुड़कर देखते हैं,

तो पाते हैं

कि वर्षों का एक जंगल

हमारे पीछे खड़ा है।

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