बूढ़ा पेड़

15-09-2026

बूढ़ा पेड़

सुरेंद्र कल्याण ‘बुटाना’ (अंक: 302, सितम्बर द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

गाँव के बाहर
एक बूढ़ा पेड़ खड़ा है।
उसने पीढ़ियाँ देखी हैं।
 
बच्चों को खेलते,
युवाओं को सपने बुनते,
और बुज़ुर्गों को
समय के साथ विदा होते देखा है।
 
फिर भी
वह आज भी
छाया देता है।
शायद महानता का अर्थ
यही है।

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