शिक्षक प्रणेता राष्ट्र का

15-03-2020

शिक्षक प्रणेता राष्ट्र का

सुषमा दीक्षित शुक्ला 

प्रलय भी निर्माण भी,
हैं गोद जिसकी पल रहे।


शिक्षक प्रणेता राष्ट्र का,
कर्तव्य पर यदि दृढ़ रहे।


यदि विमुख है गुरु धर्म से
तो घोर पातक पात्र  है।


पर व्यर्थ अपमानित हुआ
तो पतन की शुरुआत है ।


ज्यों पिंड मिट्टी का उठा
बर्तन बना कुम्हार दे।


त्यों  बीज रूपी शिष्य को
गुरु ज्ञान का आहार दे।

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