तुमसे बात करना

23-01-2016

तुमसे बात करना

डॉ. मनीष कुमार मिश्रा

तुमसे बात करना
कभी-कभी मुश्किल होता है-
कविता लिखने से भी अधिक
उस दिन मैंने यूँ ही कहा कि-
काश ! तुमसी कोई दूसरी
मेरी ज़िन्दगी में फिर आ जाती तो
ज़िंदगी का लुत्फ़ बदल जाता

 

इस पर तुमने गुस्साते हुए कहा-
तुम्हारी ज़िन्दगी में ऐसा कुछ नहीं होने वाला
क्योंकि मेरी जैसी कोई मिल भी गयी तो
तुम तो वही रहोगे।

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