मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम
वेद भूषण त्रिपाठीराम राज्य की महिमा न्यारी
सुखी अवध के सब नर नारी।
महारूद्र के हृदय में बसते
रघुकुल के जगधारी।
मखभूमि राजर्षि दशरथ
पुत्रेष्टि यज्ञ करवाए।
राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न
रघुकुल कीर्ति बढ़ाए।
सृष्टि रचयिता ब्रह्मा जी ने
सरयू माँ को नमन किया।
धर्म अर्थ काम मोक्ष से
जनजीवन संपन्न किया।
जग जननी जगदम्बा माता
मिथिला से अवध आईं।
मणियों का उपहार जनक से
अवध धाम संग लाईं।
मणिपर्वत पर स्थापित कर
मणियाँ पूज्य बनाईं।
दो सुत प्यारे लवकुश देकर
रघुकुल धन्य बनाईं।
कौशल राज्य प्रिय अति पावन
सरयू कलिमल कलुष नसावन।
श्रीराम जन्म भूमि मोक्षकारी
बालरूप प्रगटे जगधारी।
रामराज्य की महिमा न्यारी
सुखी अवध के सब नर नारी।
महारूद्र के हृदय में बस्ते
रघुकुल के जगधारी।
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