एक थे अटल 

01-01-2026

एक थे अटल 

जयचन्द प्रजापति ‘जय’ (अंक: 291, जनवरी प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

एक जीवन थे
गंभीर व्यक्तित्व
सादगी थी 
पवित्रता का भाव था
 
देशी रंग में
भारतीयता से सजा-धजा था
 
एक विचारधारा थे
एक खोज थे
युगनिर्माता थे
 
भावों से भरे थे
सादगी क़दम चूमती थी
 
एक लय
नवगीत से परिपूर्ण
संपूर्णता लिये
एक सत्य जीवन
जीते थे अटल
 
एक सिपाही थे
राजनीति के मैदान में
भीष्म पितामह थे
 
जिनके शब्दबाण से
नतमस्तक हो जाते थे
तमाम विरोधी
 
निपुण सारथी की तरह
हमेशा तैयार रहते
दुश्मनों को मुंहतोड़
जवाब देने में

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