रिश्तों में इख़लास करना चाहिए
सुशीला श्रीवास्तव
2122 2122 212
रिश्तों में इख़लास करना चाहिए
प्यार का अहसास करना चाहिए
ग़र नवाज़ा है ख़ुदा ने कोई गुण
काम कोई ख़ास करना चाहिए
नफ़रतों की आग में जलना नहीं
प्रेम का अभ्यास करना चाहिए
ठोकरों से हारकर बैठे नहीं
ख़ुद पे भी विश्वास करना चाहिए
हो गये हो आज तुम धनवान तो
दान भी बिंदास करना चाहिए
प्यार की जब बात हो, इखलास हो
झूठ का परिहास करना चाहिए
जब उदासी छा रही हो दिल में तो
थोड़ा तो उल्लास करना चाहिए
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