एक दिल सीने में

23-02-2019

एक दिल सीने में 
ख़ुशियों से पला रक्खे हुए हैं 
हम जतन से प्यार का 
हर मामला रक्खे हुए हैं

भव्य, आलीशान बंगलों से 
नज़र थोड़ी हटा 
देखो इधर भी हम
सलोना घोंसला रक्खे हुए हैं

कौन है जो रोक सकता 
इस जवाँ दिल को अभी 
यह आग भी पी जाएगा 
यह हौंसला रक्खे हुए हैं

आज मेरे चाहने वाले 
हज़ारों हैं ज़नाब 
हम सफ़र में साथ अपने 
काफ़िला रक्खे हुए हैं 

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

किशोर साहित्य कविता
कविता-मुक्तक
गीत-नवगीत
ग़ज़ल
कविता
अनूदित कविता
नज़्म
बाल साहित्य कविता
हास्य-व्यंग्य कविता
विडियो
ऑडियो

विशेषांक में