एकलव्य कविता-1
डॉ. ज़हीर अली सिद्दीक़ी
किरदारों में नाम तुम्हारा
अमर और जीवंत सदा
कुल निषाद हस्तिनापुर की
गौरवगाथा गान सदा . . .
जब प्रकृति नाम पुकारे
कुल तुम्हारा सदा दुलारे
प्रकृति रक्षक नाम ना दूजा
किरदारों में आपकी पूजा . . .
अर्जुन नाम जाप जब होगा
उनसे ऊपर आपका होगा
एक बाण से नेत्र को भेदा
दूसरा बिन क्षति मुँह में ठूँसा . . .
इच्छाशक्ति के किरदारों में
जाप आपके नाम का होगा
असंभव के गलियारों में
सम्भव नाम आपका होगा . . .
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