रोकने को तो खड़ा पूरा ज़माना होगा

01-05-2026

रोकने को तो खड़ा पूरा ज़माना होगा

सत्यवान साहब गाज़ीपुरी (अंक: 296, मई प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 
रमल मुसम्मन मख़बून महज़ूफ़ मक़तू
फ़ाएलातुन फ़इलातुन फ़इलातुन फ़ेलुन
 
2122    1122    1122    22
 
रोकने को तो खड़ा पूरा ज़माना होगा
रास्ता तुझको अकेले ही बनाना होगा
 
हौसले टूट भी जाएँ तो क़दम थमने न दें
अपनी हिम्मत का नया राग उठाना होगा
 
ठोकरें खा के भी मुस्कान बचानी होगी
रोज़ इक जज़्बे से तूफ़ाँ को डराना होगा
 
लोरियाँ गा के अगर रात सुला भी दे तुझे
भोर होते ही मगर ख़ुद को जगाना होगा
 
ख़ुद को कुछ इस तरह मज़बूत बना ले ऐ दिल
ख़ाक में मिल के भी फिर उठ के दिखाना होगा

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें