ज़रूरी है

23-02-2019

थोड़ी - सी छाँव
थोड़ी- सी धूप।
थोड़ी - सा प्यार
थोड़ी- सा रूप।
जीवन के लिए ज़रूरी है...

थोड़ा तकरार
थोड़ी मनुहार।
थोड़े -से शूल
अँजुरीभर फूल।
जीवन के लिए ज़रूरी है...

दो चार आँसू
थोड़ी मुस्कान।
थोड़ा - सा दर्द
थोड़े - से गान।
जीवन के लिए ज़रूरी है...

उजली- सी भोर
सतरंगी शाम।
हाथों को काम
तन को आराम।
जीवन के लिए ज़रूरी है...

आँगन के पार
खुला हो द्वार।
अनाम पदचाप
तनिक इन्तज़ार।
जीवन के लिए ज़रूरी है...

0 Comments

Leave a Comment

लेखक की अन्य कृतियाँ

बाल साहित्य कविता
साहित्यिक आलेख
कविता
नवगीत
लघुकथा
सामाजिक आलेख
हास्य-व्यंग्य कविता
पुस्तक समीक्षा
बाल साहित्य कहानी
कविता-मुक्तक
दोहे
कविता-माहिया
विडियो
ऑडियो