संदीप तोमर

संदीप तोमर

संदीप तोमर

एक साहित्यिक परिचय

संदीप तोमर का जन्म ७ जून 19७5 को उत्तर प्रदेश के जिला मुज़फ्फरनगर के गंगधाड़ी नामक गाँव में हुआ। आपके पिता एक आदर्श अध्यापक रहे तो माताजी एक धर्म परायण स्त्री हैं। दोनों का ही प्रभाव आपके जीवन पर बराबर रहा है। चार भाई बहनों में सबसे छोटे सन्दीप तोमर ने शारीरिक अक्षमता के चलते सीधे पाँचवी कक्षा में प्रवेश लिया और प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। तत्पश्चात विज्ञान विषयों से स्नातक करके प्राथमिक शिक्षक के लिए दो वर्ष का प्रशिक्षण लिया। 

उत्तर प्रदेश में कुछ दिन अध्यापन करने के बाद नौकरी छोड़ दिल्ली विश्वविद्यालय पढ़ने आ गए। बी.एड., एम.एड. के बाद एम.एस सी. (गणित) एम.ए. (समाजशास्त्र व भूगोल) एम. फिल. (शिक्षाशास्त्र) की शिक्षा ग्रहण की। दिल्ली विश्विद्यालय में पढ़ते हुए ही साहित्य का स्वाध्याय करते हुए लेखन में रुचि उत्पन्न हुई।

उन्होंने कविता, कहानी, लघुकथा, आलोचना, नज़्म, ग़ज़ल के साथ-साथ उपन्यास को अपनी विधा बनाया। पेशे से अध्यापक सन्दीप तोमर का पहला कविता संग्रह "सच के आस पास" 2003 में प्रकाशित हुआ। उसके बाद एक कहानी संग्रह "टुकड़ा टुकड़ा परछाई" 2005 में आया। शिक्षा और समाज (लेखों का संकलन शोध-प्रबंध) का प्रकाशन वर्ष 2010 था। इसी बीच लघुकथा अंग्रह "कामरेड संजय" 2011 में प्रकाशित हुआ। "महक अभी बाकी है" नाम से कविता संकलन का संपादन भी किया। 2017 में प्रकाशित "थ्री गर्ल्सफ्रेंड्स" उपन्यास ने संदीप तोमर को चर्चित उपन्यासकार के रूप में स्थापित कर दिया। 2018 में आपकी आत्मकथा "एक अपाहिज की डायरी" का विमोचन नेपाल की धरती पर हुआ। जनवरी 2019 में “यंगर्स लव” कहानी संग्रह का विमोचन विश्व पुस्तक मेला दिल्ली में हुआ। 2019 के अंत में लघुकथा संग्रह "समय पर दस्तक" और “लिव इन रिलेशन” प्रकाशित हो रहे हैं। उपन्यास “ये कैसा प्रायश्चित” भी प्रेस में है।  

वे प्रारंभ, मुक्ति, प्रिय मित्र अनवरत अविराम इत्यादि साझा संकलन में बतौर कवि सम्मलित हो चुके हैं। सृजन व नई जंग त्रैमासिक पत्रिकाओं में बतौर सह-संपादक सहयोग करते रहे।

फ़िलहाल उनकी कई पुस्तकें प्रकाशन हेतु प्रकाशकों के पास गई हैं। "दीपशिखा" उपन्यास के साथ “एस फॉर सिद्धि” और "परमज्योति" कविता संग्रह प्रमुख हैं।

आपको क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (भारत सरकार) देहरादून द्वारा 1996 में बाल अधिकार विषय पर नियोजित निबंध प्रतियोगिता के लिए सम्मानित किया गया। श्री सत्य साई सेवा समिति शामली, मुज़फ्फरनगर (उ. प्र.) द्वरा कला प्रतियोगिता के लिए 1996 में सम्मानित किया गया। हिन्दी अकादमी दिल्ली द्वारा निबन्ध व कविता लेखन के लिए (2003 व 2005), मानव मैत्री मंच द्वारा काव्य लेखन के लिए सम्मान (2002- 2003) ज़िला हिन्दी भाषा- साहित्य परिषद्, खगड़िया (बिहार) द्वारा "सच के आस पास" काव्य कृति के लिये "तुलसी स्मृति सम्मान"  2004 में, 12वां अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मलेन में काव्य लेखन के लिए "युवा राष्ट्रीय प्रतिभा" सम्मान (2004), साहित्यिक सांस्कृतिक कला संगम अकादमी परियावां प्रतापगढ़ (उ.प्र.) द्वारा "साहित्य श्री" सम्मान ( 2005), अजय प्रकाशन रामनगर वर्धा (महा.) द्वारा "साहित्य सृजन" सम्मान (2004), सहित कई बड़ी संस्थाओं द्वारा समय- समय पर आपको सम्मानित किया गया है।

2011-12 में स्कूल स्तर पर तत्कालीन विधायक के हाथों बेस्ट टीचर आवर्ड से सम्मानित किया गय। 2011 में आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ टीचर्स आर्गेनाईज़ेशन के तत्वाधान में तत्कालीन संसदीय मन्त्री हरीश रावत के कर-कमलों से दिल्ली के बेस्ट टीचर के लिए सम्मानित हो चुके हैं।

आपको “ औरत की आज़ादी: कितनी हुई पूरी, कितनी रही अधूरी?” विषय पर अगस्त 2016 में आयोजित परिचर्चा संगोष्ठी में विशेष रूप से सम्मानित किया गया। भारतीय समता समाज की ओर से आपको समता अवार्ड 2017 से सम्मानित किया गया। साहित्य-संस्कृति मंच अटेली, महेंद्र गढ़ (हरियाणा) द्वारा साहित्य- गौरव सम्मान (2018), छठवा सोशल मिडिया मैत्री सम्मलेन में नेपाल की भूमि पर वरिष्ठ प्रतिभा के अंतर्गत साहित्य के क्षेत्र में सतत वा सराहनीय योगदान के लिए “साहित्य सृजन”(2018), इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र एवम्‌ हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी द्वारा शिक्षक प्रकोष्ठ में सहभागिता प्रमाण पत्र दिया गया। पाथेय साहित्य कला अकादमी, जबलपुर/दिल्ली द्वारा सितम्बर 2018 में कथा गौरव सम्मान से नवाज़ा गया। साथ ही दिसंबर 2018 में ही नव सृजन साहित्य एवं संस्कृति न्यास, दिल्ली नामक संस्था द्वारा हिन्दी रत्न सम्मान दिया गया।सितम्बर 2019 में पत्रकार देवेन्द्र यादव मेमोरियल ट्रस्ट, दौसा एवम अभिनव सेवा संस्थान, दौसा द्वारा साहित्य में विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। नवम्बर 2019 में अभिमंच द्वारा उपन्यास लेखन पर प्रेमचंद सम्मान-2019 से विभूषित किया गया।

डॉ. भावना शुक्ल (असिस्टेंट प्रोफ़ेसर)
दिल्ली विश्वविद्यालय