फिर मिलेंगे!
अशोक परुथी 'मतवाला'ख़ुदा, बचाये,
आजकल के ट्रकों से,
जो टक्कर
मारकर,
सिर फाड़ कर,
कहते निकल जाते हैं-
फिर मिलेंगे!
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