साहित्य की गुमटी
धर्मपाल महेंद्र जैनवर्तमान को दर्शाते हुए खरी-खरी कह जाने वाला दस्तावेज़—‘साहित्य की गुमटी’
• अतुल्य खरे
समीक्षित पुस्तक: साहित्य की गुमटी (व्यंग्य संकलन)
लेखक: धर्मपाल महेंद्र जैन
शिवना प्रकाशन, सीहोर द्वारा प्रकाशित
प्रथम संस्करण: 2025
मूल्य: ₹275.00
पृष्ठ संख्या: 153