नहीं आया कोई

15-02-2020

नहीं आया कोई

फाल्गुनी रॉय

नहीं आया कोई
ख़ाली पड़ा है पथ 
आज भी कोई नहीं आया 


उतरी आख़िर वही ख़ामोशी 
फिर पसरा वही अँधियारा
नहीं आया कोई 
हाय! कितनी उत्सुकता से पथ
हमने हर शाम निहारा 


पहुँची द्वार तक फिर वही उदासी 
मन आज फिर छटपटा कर हारा 
नहीं आया कोई 
डूबकर तन्मयता में नाम
हमने हर शाम पुकारा 


नहीं आया कोई
ख़ाली पड़ा है पथ 
आज भी कोई नही आया।

0 Comments

Leave a Comment