बड़ी गर्मजोशी से वो मिला मुझे 
ख़ूब आतुरता से उसने 
गले से लगाया।
 
मीठी-मीठी बातें बहुत
वो करता रहा फिर,
उस रंगीन पानी के तीन-चार घूँट पीने तक।
 
कितने चेहरों को छिपाये फिरते हैं 
बशर
एक चेहरे के पीछे।

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