तुमपे ज़ाया वक़्त किया है
अश्वनी कुमार 'जतन’
तेरे रवैये से ही हमने, दिल को अपने सख़्त किया है
तुम्हें देख कर यूँ लगता है, तुमपे ज़ाया वक़्त किया है
जो मेरे दिल में था वो सब, मैंने तुमसे बोला था
तेरे जानिब हमने अपने, दिल को बिल्कुल खोला था
तुमको देवी मान के हमने, दिल को तेरा भक्त किया है
तुम्हें देख कर यूँ लगता है, तुमपे ज़ाया वक़्त किया है
तेरे घाव पे मरहम रख के, लहू से अपने सींचा था
हमने हाथ बढ़ा कर तुमको, माज़ी से भी खींचा था
हमने साथ तुम्हारा पूरा, वक़्त नहीं बेवक़्त दिया है
तुम्हें देख कर यूँ लगता है, तुमपे ज़ाया वक़्त किया है
ख़ुद को साबित करती है वो, सबसे ज़िक्र हमारे कर के
मेरे आँसू और ख़्वाबों को, ख़ुश है एक किनारे कर के
प्यार है बाँटा ‘जतन’ ने केवल, उसने तो आसक्त किया है
तुम्हें देख कर यूँ लगता है, तुमपे ज़ाया वक़्त किया है