मानस पटल, कोई है आया
डॉ. अनुराधा प्रियदर्शिनी
पावन हृदय, मेरा मुस्काया।
मानस पटल, कोई है आया॥
सुंदर कमल, जो मोहे नैना।
पुष्कर सुघर, छाए हैं रैना॥
शीतल पवन, संदेशा लायी।
सौरभ मधुर, बाग़ों में छायी।
गीत मधुरिम, श्यामा है गाती।
आज प्रियतम, लायी है पाती॥
मोहन अधर, शोभा है प्यारी।
बाजत नुपुर, राधा जी न्यारी।
आँगन किरण, मैंने बैठाया।
शांत मन तब, आज मैंने पाया॥
देख रवि छवि, आँखों को भायी।
सागर लहर, मुक्ता को लायी।
मोहन कहत, राधा जी भायी।
कुंज मधुरिम, बंशी बजायी॥