स्वर्ग की तलाश

03-05-2012

स्वर्ग की तलाश

नवल किशोर कुमार

जीवन और जीवन की जटिलता,
कभी जीवन जीने की अधीरता,
कभी मरने की आतुरता,
दिन भर अपने सर पर,
जिम्मेवारियों के बोझ तले,
मरने वाला हर इंसान,
अपने स्वजनों के हितार्थ,
हर दुख उठा लेना चाहता है,

 

कभी-कभार,
उसके मलिन मुख पर,
खुशी के भाव प्रकट होते हैं,
जब वह सोचता है,
रात को उसके घर में,
पकने वाले माड-भात और,
कच्चे तेल में बने चोखा के,
अतुलनीय स्वाद के बारे में,

 

दिन भर की थकान और,
पूरी रात की चाकरी के बाद,
जब बंद होने लगती है पलकें उसकी,
तब भी उसकी आँखें,
उसे स्वतंत्रता नहीं देतीं,
दिखाने लगती हैं तब वह,
कल के पथरीले सपने,

 

बरसात में बहती जाती उसकी झोंपड़ी,
उसके बच्चों का नंगा बदन,
और,
एक छोटी सी आशा की किरण,
उसे उषाकाल से पहले ही जगा देती हैं,
और बेचारा आदमी,
चल पड़ता है बिना कुछ सोचे,
उसी पुरानी राह पर,
जहाँ वह गिरता है,
घायल होने के बाद भी चलता है,
शायद इस विश्वास के साथ,
कि यही पथरीली राह उसे,
उसकी मंज़िल के पास ले जायेगी,

 

लाख मिलें जानलेवा ठोकरें,
तो कोई बात नहीं,
उसका अपना अस्तित्व,
जीर्ण-शीर्ण हो जाये,
तब भी उसे कोई परवाह नहीं,
और वह निःशब्द,
चल पड़ता है उसी राह,
जहाँ से शुरू हो सकेगी,
उसके स्वर्ग की तलाश।

0 Comments

Leave a Comment

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता
ललित निबन्ध
सामाजिक आलेख
विडियो
ऑडियो

A PHP Error was encountered

Severity: Core Warning

Message: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/usr/local/php5.4/lib/php/extensions/no-debug-non-zts-20100525/php_pdo_mysql.dll' - /usr/local/php5.4/lib/php/extensions/no-debug-non-zts-20100525/php_pdo_mysql.dll: cannot open shared object file: No such file or directory

Filename: Unknown

Line Number: 0

Backtrace: