भक्ति की
रोशनी में, 
नहाया शहर।

दिलों में
श्रद्धा 
संजोए शहर।

नाम बदला
युग बदला
शासक बदले
पर
बदला नहीं
शहर।

हर वर्ष
संगम तीरे
श्रद्धा विश्वास भक्ति
का सजता शहर।

दौड़ी चली आती
भीड़ की भीड़
आतुर 
दूर दूर से
मानो उन्हें
अपने पास
बुलाता शहर।

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