प्यार की एक नाज़ुक उड़ान

01-01-2025

प्यार की एक नाज़ुक उड़ान

विकास बिश्नोई (अंक: 268, जनवरी प्रथम, 2025 में प्रकाशित)

 

यह एक ठंडी सर्दियों की दोपहर थी। आसमान में धुँध छाई हुई थी, और ठंडी हवा ने पेड़ों की शाखाओं को बेजान कर दिया था। माँ घर के दरवाज़े पर खड़ी थीं, धूप की उम्मीद में। तभी, एक नाज़ुक तितली, जो शायद ठंड से जूझ रही थी, हल्के-हल्के अपने पंख फड़फड़ाती हुई उनके सामने आ गई। 

माँ ने जैसे ही दरवाज़ा खोला, तितली झिझकते हुए अंदर उड़ आई। उसके पंख काँप रहे थे, और वह कमज़ोर लग रही थी। तितली सीधा माँ के हाथ पर आकर बैठ गई। माँ की हथेली की हल्की गर्मी ने तितली को जैसे नई ऊर्जा दी। माँ ने उसे बहुत प्यार से देखा और धीरे से कहा, “तुम बहुत ठंडी हो गई हो, मेरी बच्ची।”

तितली जैसे उनकी बात समझ गई हो। उसने धीरे-धीरे अपने पंख फड़फड़ाए, मानो जवाब दे रही हो। माँ ने तितली की तरफ़ देखते हुए उससे बातें करना शुरू कर दिया। उनके शब्दों में ऐसी ममता थी, जैसे वह तितली को सुकून दे रही हों। तितली भी हर बार अपने पंख हिला कर माँ की बात का जवाब देती रही। 

कुछ समय बाद, पिताजी घर लौटे। तितली ने माँ की हथेली से उड़ान भरी और पिताजी के हाथ पर आकर बैठ गई। पिताजी ने मुस्कुराते हुए उसे देखा। उन्होंने भी उसे बड़े प्यार से अपनी हथेली पर रखा। कुछ पल के लिए तितली ने जैसे अपने नाज़ुक पंखों से उनकी उँगलियों को महसूस किया। फिर वह वापस माँ के हाथ पर चली गई। 

तितली की यह छोटी-सी उड़ान, माँ और पिताजी के बीच, ऐसा लग रहा था जैसे वह अपनी नाज़ुकता और गर्मजोशी दोनों बाँट रही हो। उसके पंखों की हलचल और उसकी मासूमियत ने घर के ठंडे माहौल में एक अद्भुत गर्मजोशी भर दी। 

लेकिन धीरे-धीरे तितली की ऊर्जा कमज़ोर पड़ने लगी। उसके पंख अब पहले की तरह नहीं हिल रहे थे। कुछ देर बाद वह फिर से पिताजी की हथेली पर आकर बैठ गई। इस बार, उसकी नाज़ुक काया स्थिर हो गई। 

माँ और पिताजी ने चुपचाप एक-दूसरे को देखा। उनकी आँखों में एक गहरी उदासी थी। तितली का छोटा-सा जीवन समाप्त हो चुका था। लेकिन वह अपनी आख़िरी घड़ियों में जो गर्मी और सुकून ढूँढ़ने आई थी, वह उसे यहाँ मिल चुका था। 

हमने उसे घर के बग़ीचे में एक छोटे से गड्ढे में दफ़ना दिया। तितली के लिए यह हमारी छोटी-सी श्रद्धांजलि थी। वह आई थी, हमारे घर की ठंड को अपनी नाज़ुकता से पिघलाने। उसका जाना यह सिखा गया कि जीवन में कुछ पल कितने मूल्यवान होते हैं। 

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