08-01-2019

तुम क्या आना जाना भूले

हस्तीमल 'ह्स्ती'

तुम क्या आना जाना भूले
हम तो हँसना- हँसाना भूले

एक तार क्या तोडा़ तुमने
सारा ताना-बाना भूले

तुमने ही ये बाग़ लगाया
तुम ही फूल खिलाना भूले

हमसे भूल हुई क्या बोलो
क्या तुमको लौटाना भूले

एक तुम्हें ही भूल ना पाये
वरना हम क्या-क्या ना भूले

0 Comments

Leave a Comment