08-01-2019

हँसती गाती तबीयत रखिये

हस्तीमल 'ह्स्ती'

हँसती गाती तबीयत रखिये 
बच्चों वाली आदत रखिये

शोला, शबनम, शीशे जैसी
अपनी कोई फ़ितरत रखिये

हँसी, शरारत, बेपरवाही
इनमें अपनी रंगत रखिये

छेड़ - छाड़, आवारागर्दी
करने को भी फुरसत रखिये

भरे-भरे मानी की ख़ातिर
कभी-कभी कोरा ख़त रखिये

काम के इसां हो जाओगे
हम जैसों की सोहबत रखिये

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