दूर देश से आओ तुम, मन को बहलाओ तुम,
रात चाँदनी कितनी सुहानी, चन्दा मामा आओ तुम।
लेकर आँखों में सपने, मन को हरसाओ तुम,
आओ लेकर खेल-खिलौने, मन को लुभाओ तुम।
चन्दा मामा आओ तुम...

 

आकर छत पर मेरे, झलक ज़रा दिखलाओ तुम,
खेलूँ संग-संग मैं तुम्हारे, आगे-पीछे भागो तुम।
लगाकर तुम मुझे गले, आँखों में बस जाओ तुम,
नाचो-गाओ संग हमारे, कहानी कोई सुनाओ तुम।
चन्दा मामा आओ तुम...

 

खेल-खिलौने तारों से, खेलते हो हरदम तुम,
मन लुभाने, हमें हँसाने, जल्दी से आओ तुम।
माँ करती है आनाकानी, हो गई वो बड़ी सयानी,
खेलो तुम मेरे संग, मन ही मन मुसकाओ तुम।
चन्दा मामा आओ तुम...

 

काली-काली रात है कितनी, ऐसे न डराओ तुम,
आओ लेकर संग चाँदनी, प्यारे मामा आओ तुम।
लेकर सारे चाँद-सितारे, मन को हरसाओ तुम,
बस जाओ मेरी आँखों में, ऐसे न तड़पाओ तुम।
चन्दा मामा आओ तुम...

 

माँ कहती है मामा हो, हम बच्चों के प्यारे-प्यारे तुम,
कितने सुन्दर, कितने निराले, चंदा मामा आओ तुम।
दे-देकर माँ थपकियाँ, सुनाती है वो तुम्हारी कहानी,
कभी-कभी आ जाया करो, ऐसे ना सताओ तुम।
चन्दा मामा आओ तुम...

 

घेरे तुमको कितने सितारे, दूर देश रहते हो तुम,
बच्चों के हो मामा, कितने सुन्दर, कितने प्यारे तुम।
दिन में खो जाते हो, रात को ही आते हो तुम,
मेरे नन्हें-नन्हें हाथों से, रहते कितने दूर हो तुम।
चन्दा मामा आओ तुम...
 

0 Comments

Leave a Comment