तुम्हारा मीठा चुम्बन 

01-02-2020

तुम्हारा मीठा चुम्बन 

चंद्र मोहन किस्कू 

सँभालकर रखा है
एक टुकड़ा आसमान 
एक बरसने वाला बादल
एक सुहावनी बयार वाली गोधूलि 
एक ठंडी शाम 
एक मीठा पूर्णिमा का प्रकाश 
सुबह की नवकिरण 
चिड़ियों का कलरव  
कोयल का गीत 
हमारे प्यार का साक्षी
गुलमोहर की पेड़ 
पहाड़ी झरने का 
ठण्डा पानी 
और हृदय की
श्रेष्ठ जगह में रखा है 
मेरे गाल पर तुम्हारा 
मीठा चुम्बन।

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