मैंने देखा
दूरदर्शन पर— 
तीन-चार कुत्ते 
चाट रहे थे 
किसी दुग्ध वाहन से 
गिरा दूध 


मैंने देखा 
पास ही 
एक भूखा व्यक्ति 
उलीच रहा 
.............उसी दूध को 
अपने 
टूटे-फूटे बर्तन में। 
 

मैंने—
कविता लिख डाली 
और 
लम्बी........... 
तान कर सो गया   
मैं 
कवि 
मशहूर हो गया।  

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

पुस्तक समीक्षा
कविता
नज़्म
विडियो
ऑडियो