व्यंग्य की धार और सामाजिक सरोकारों से सजी भोजपाल साहित्य संस्थान की मासिक गोष्ठी
व्यंग्य की धार और सामाजिक सरोकारों से सजी भोजपाल साहित्य संस्थान की मासिक गोष्ठी
भोपाल।
भोजपाल साहित्य संस्थान के अंतर्गत संचालित ‘व्यंग्य भोजपाल’ की मासिक व्यंग्य गोष्ठी का आयोजन 10 मई को भोपाल हाट परिसर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री अशोक निर्मल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ व्यंग्यकार एवं उपन्यासकार सुदर्शन कुमार सोनी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार श्री अरुण अर्नब खरे की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुदर्शन कुमार सोनी की चर्चित व्यंग्य कृति ‘अगले जनम मोहे कुत्ता कीजो’ की व्यंग्य रचना ‘परोपकार में सेंध’ का एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम अंतर्गत सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड की कक्षा आठ की ‘न्यू माइलस्टोन हिन्दी’ पुस्तक में शामिल किया जाना रहा। इस उपलब्धि पर उपस्थित साहित्यकारों एवं सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी।
गोष्ठी में समकालीन सामाजिक, राजनीतिक एवं पारिवारिक विसंगतियों पर केंद्रित व्यंग्य रचनाओं का प्रभावशाली पाठ हुआ। श्री अशोक व्यास ने ‘यहाँ सब फ्री-फ्री है’ के माध्यम से मुफ़्तख़ोरी की मानसिकता पर कटाक्ष किया, वहीं एस.डी. श्रीवास्तव ने ‘नारी दिवस व शीला की जवानी’ में बदलते सामाजिक दृष्टिकोणों पर व्यंग्य प्रस्तुत किया। विवेक रंजन श्रीवास्तव की ‘किडनी का अक्षय पात्र’, यशवंत गोरे की ‘सब कुछ सीखा हमने न सीखी राजनीति’, अरविंद मिश्रा की ‘सम्मानित होने का सुख’ तथा सुधा दुबे की ‘जुगाड़ की महिमा’ ने श्रोताओं को ख़ूब गुदगुदाया।
कमल किशोर दुबे ने ‘घर में महिला आरक्षण’ के माध्यम से पारिवारिक सत्ता संतुलन पर रोचक व्यंग्य किया, जबकि सुरेश पटवा की ‘फाइल में गुम रामलाल’ और राजेंद्र शर्मा की ‘मोटापे की महिमा’ ने प्रशासनिक एवं सामाजिक विडंबनाओं को उजागर किया। गोकुल सोनी की ‘एम्स भोपाल में चूहा उत्सव’, अशोक कुमार धमेनिया की ‘डॉक्टर चरित्र’, मोहम्मद आज़म की ‘शुभकामना संदेश’ तथा कैलाश मेश्राम की ‘कर्मचारी बीमार: डाइट से उपचार’ भी विशेष सराही गईं।
मुख्य अतिथि श्री सुदर्शन कुमार सोनी ने अपनी चर्चित व्यंग्य रचना ‘परोपकार में सेंध’ का प्रभावशाली पाठ कर उपस्थित श्रोताओं को समकालीन सामाजिक प्रवृत्तियों पर गंभीर चिंतन के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त चंद्रभान राही, राजेश खरे, सतीश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ. अनिल शर्मा ‘मयंक’, प्रशांत चतुर्वेदी एवं जितेंद्र श्रीवास्तव ने भी अपनी व्यंग्य रचनाओं का पाठ किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री चंद्रभान राही द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री अशोक व्यास ने व्यक्त किया।
सुदर्शन कुमार सोनी
कार्यकारी अध्यक्ष
भोजपाल साहित्य संस्थान, भोपाल