डॉ. देवराज

डॉ.  देवराज

डॉ. देवराज

मूलतः नजीबाबाद नगर की धरती पर पले-बढ़े और वहीं साहू जैन महाविद्यालय के विद्यार्थी के रूप में हिंदी साहित्य में उच्च शिक्षा पूरी की। 
आजीविका के लिए पहले दूरदर्शन में नौकरी की, उसके बाद अध्यापन से जुड़ गए। मणिपुर विश्वविद्यालय, इम्फाल (मणिपुर) में प्रोफ़ेसर एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता रहे। ढाई दशक से अधिक कार्य करने के बाद महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र) द्वारा आमंत्रित किए गए। वहाँ प्रोफ़ेसर और अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ के अधिष्ठाता तथा शोध अधिष्ठाता के रूप में कार्य किया। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार भी रहे। 

मणिपुर विश्वविद्यालय, इम्फाल, असम विश्वविद्यालय, सिलचर त्रिपुरा विश्वविद्यालय, अगरतला के हिंदी अध्ययन मंडलों में विशेषज्ञ सदस्य रहे। राजीव गाँधी विश्वविद्यालय, ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) में विजिटिंग प्रोफ़ेसर के रूप में कार्य किया। 

कविता, समालोचना, साहित्येतिहास, लोकसाहित्य, हिंदी-प्रचार आंदोलन आदि पर केंद्रित लेखन एवं संपादन। मणिपुरी काव्य-साहित्य के इतिहास पर हिंदी में पहली पुस्तक का लेखन। अनुवाद के माध्यम से मणिपुरी साहित्य की हिंदी में पुस्तकाकार प्रस्तुति। बँगला के गजेंद्र कुमार मित्र तथा रवींद्रनाथ ठाकुर के उपन्यासों का हिंदी में अनुवाद। प्रख्यात भारतविद आनंद के. कुमार स्वामी के लेखों का अँग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद। 

समकालीन हिंदी कविता के आंदोलन, “तेवरी” के घोषणाकारों में से एक तथा उसके घोषणापत्र के लेखक। 

मणिपुर हिंदी परिषद, इम्फाल द्वारा प्रकाशित ‘महिप पत्रिका’ के प्रारंभकर्ता-सदस्य। एक दशक तक इस पत्रिका का संपादन भी किया। मणिपुर से ही प्रकाशित ‘युमशकैश’ पत्रिका के परामर्शदाता। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा की त्रैमासिकी ‘समन्वय पूर्वोत्तर’ के पहले मुख्य परामर्शदाता रहे। गंगतोक, (सिक्किम) से प्रकाशित पूर्वोत्तर भारत के प्रथम ऑनलाइन हिंदी जर्नल ‘कंचनजंघा’ के परामर्शदाता-मंडल के सदस्य। मणिपुर में हिंदी कवि-सम्मेलन परंपरा के प्रारंभकर्ता। प्रथम पूर्वोत्तर हिंदी सम्मेलन के आयोजक। अंतरराष्ट्रीय कला एवं संस्कृति परिषद, नजीबाबाद द्वारा संचालित ‘माता कुसुम कुमारी हिंदीतरभाषी हिंदी साधक सम्मान’ योजना और ‘साहित्यिक कुंभ’ के प्रारंभकर्ताओं में से एक। 

‘पूर्वोत्तर अध्ययन परिषद’ के संस्थापक अध्यक्ष। ‘हिंदी लेखक मंच, मणिपुर’ के संस्थापक सचिव। साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था, “पूर्वा” (इम्फाल) के संस्थापक। मणिपुर हिंदी परिषद, इम्फाल, मणिपुर संस्कृत परिषद, इम्फाल, नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली, राष्ट्रीय हिंदी परिषद, मेरठ के आजीवन सदस्य। शब्द भारती, गुवाहाटी के संरक्षक। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय एवं वस्त्र मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समितियों के पूर्व सदस्य। केंद्रीय हिंदी निदेशालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की अनुदान-समिति के पूर्व सदस्य व भाषा के पूर्व परामर्शदाता। 
वर्तमान में ‘भारतीय भाषाओं में सृजनधर्मिता’ योजना के संपादन में व्यस्त।