शमा है एक परवाने बहुत

01-05-2026

शमा है एक परवाने बहुत

शैली भागवत ‘आस’ (अंक: 296, मई प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फ़अल
 
1222    1222    12
 
शमा है एक परवाने बहुत
हैं इससे लोग अनजाने बहुत
 
समझते थे हमें अपना कभी
वही हैं आज बेगाने बहुत
 
नहीं है होश अपने आप का
हुए हो आप दीवाने बहुत
 
हमें भी बोलना अब आ गया
सुने हैं रोज़ जो ताने बहुत
 
शहीदों के घरों में देखना
नज़र आएँगे वीराने बहुत
 
उलझ कर रह गए यूँ हाथ में
बुने तक़दीर के बाने बहुत
 
भले हासिल हमें मंज़िल नहीं
मिले राहों में नज़राने बहुत

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें