पहाड़
दीपक कोहली
पहाड़ और पहाड़ का दर्द
लिखना बहुत कठिन है।
क्योंकि!
कभी नदी लिखनी पड़ेगी . . .
कभी पहाड़ लिखने पड़ेंगे . . .
कभी हवा लिखनी पड़ेगी . . .
कभी बारिश लिखनी पड़ेगी . . .
कभी धूप लिखनी पड़ेगी . . .
तो कभी बर्फ़ लिखनी पड़ेगी . . .
इतना सब कुछ लिखने के बाद भी
तुम अपनी कविता को पहाड़ जैसा
स्वर्ग नहीं बना पाओगे।