मयंक शर्मा – सवैया – किशोरी छवि वर्णन
मयंक शर्मा
कंचन हार हमेल लसै मुख, भानुलली सम चन्द-चकोरी,
कानन कुंडल हेम डुलैं, लटकै दुपटी रबि तेज अहोरी,
नैनन-कंज कि देह धरैं, पुनि नेह करैं द्युति भानुकिशोरी,
नंद के नंदन प्राण-बरे जब भानुसुता उर देखि-निहोरी।