आधा  हाँगकाँग 

15-09-2021

आधा  हाँगकाँग 

बृजेश सिंह

मूल कवि: युआन तियान
अंग्रेज़ी अनुवाद: जॉर्डन ए.वाई, स्मिथ (Half of Hong Kong)
हिन्दी अनुवाद: बृजेश सिंह

 
 
आधा पहाड़ों पर झुका, खड़ी टेढ़ी-मेढ़ी सड़क पर दौड़ती कारें,  
आधा समुद्र से घिरा, समुद्र पर बहते जहाज़।
 
आधी ऊँची इमारतें नीले आसमान के लिए करतीं हाथापाई,
आधे तंग घर परेशान हैं छाँव में।
 
आधे मुसाफ़िर झपकी लेते सिटी बसों में,
मेट्रो की आधी ज़ोरदार बहसें, होतीं तेज़ केंटोन बोली में।
 
आधा विलासी, सस्ता आधा,
आधा मुस्काये, नफ़रती है आधा।
 
आधे रईस रहते हैं राजप्रासादों में,
आधे ग़रीब फटे चीथड़े पहने, सोते हैं गन्दी बस्तियों में।
  
आधे मंदिरों में जलती धूप का धुआँ दम फुला देता है, 
आधे चर्चों की घंटियाँ दिल साफ़ करने को गूँजती हैं।
 
आधा लोकतंत्र, आधी तानाशाही, 
आधे विदेशी, आधे मूलनिवासी।
 
आधी तड़प निराशा से भरी,
आधी निराशा तड़प से भरी।
 
आधे भारतीयों ने अपना बोधिसत्व गुमनामी में छोड़ा, 
आधी फिलिपिन अनुचरियों ने माँ बनने को, असहाय छोड़े अपने बच्चे घरों में।
 
आधे इसके लोग वहीं बड़े हुए, पैदा होकर,
आधे इसके लोग आये, अप्रवासी या निर्वासित होकर।
 
आधी मातृभाषा है खड़ी घरेलू,
जिसका उच्चारण मक्खन की महक से है भारी। 
 
इसका आधा इतिहास पश्चिमी फ़ैशन का,
इसके आधे भविष्य की कोई गारंटी ही नहीं।
 
आधे चिन्ह बने बदलते पारंपरिक अक्षरों में, 
आधी द्वारपट्टिकायें अंग्रेज़ियत में उलझी।
 

Half of Hong Kong    
Poet: Tian Yuan
Translation: Jordan A. Y. Smith

 

Half reclines on mountains, cars cruising steep, twisted roads,
Half surrounded by ocean, ships drifting on ocean.
 
Half the tall buildings scramble for blue sky,
Half the cramped houses worry in shadows.
 
Half the passengers snoozing on city buses,
Half the subway arguments held in loud Cantonese voices.
 
Half luxury, half cheap,
Half smiles, half irritation.
 
Half the greasy rich people live in vacation homes,
Half the poor wear ragged clothes to sleep in rabbit hutches.
 
Half the temples choke the breath with drifting smoke of incense, 
Half the church bells intone a resonance to wash hearts clean.
 
Half dictatorship, half democracy,
Half homeland, half foreign. 
 
Half the yearning filled with despair,
Half the despair filled with yearning.
 
Half the Indians left their Bodhisattva in oblivion,
Half the Filipino maids left their children back home to play the role of mother.
 
Half its people are born and raised there,
Half its people came as immigrants or exiles.
 
Half its mother tongue bitterly homesick,
Half its accent heavy with the scent of butter. 
 
Half its history dons western fashion,
Half its future cannot be guaranteed. 
 
Half the signs done in drifting traditional characters, 
Half the doorplates tangled English roots.

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