विजय रंजन

विजय रंजन

विजय रंजन

जन्मतिथि: मई, 1949
जन्म स्थान: गोण्डा (उत्तर प्रदेश)
शैक्षिक योग्यता: बी. एससी., एलएल. बी.
व्यवसाय:

  • 1985 से अधिवक्ता दीवानी / श्रम/आयुक्त न्यायालय, फैजाबाद

  • ग्राम बनगवाँ (जनपद गोण्डा) में कृषि कार्य

प्रकाशित मौलिक (स्वरचित) कृतियाँ:
कहानी संग्रह:

  • सूरज की आग (1981)

  • उभरते बिम्ब (2013)

कविता संग्रह:

  • हाशिये से (1986)

  • किर्च (2009)

  • दर्पण तीरे (गजल-हिन्दी गजल संग्रह) (2021)

समालोचना कृतियाँ:

  • साहित्यिक तुला पर वाल्मीकि रामायण (2012)

  • रसवाद और नयरस (2014)

  • कविता का पश्यन्ती निकष नयत्त्व (2014)

  • कविता क्या है (2015)

  • क्या है भारत क्या है भारतीयता (2019)

  • राम पर आक्षेप कितने अनुचित कितने उचित (2020)

  • भारतीय राष्ट्रवाद का कखग (2022)

  • आदि-महाकवि वाल्मीकि के 10 अप्रतिम साहित्यिक अवदान (2025)

सम्पादित प्रकाशित कृतियाँ:

  • नवकहानियाँ (कहानी संकलन -1981)

  • प्रश्नोत्तर (काव्य-संग्रह -1990)

  • प्रकाशित मौलिक स्वरचित कृतियाँ 13+ शीघ्र प्रकाश्य मौलिक स्वरचित कृतियाँ 6 + प्रणयन गतिमान मौलिक स्वरचित कृतियाँ 38 + प्रकाशित सम्पादित कृतियाँ 2 + अप्रकाशित संपादित कृतियाँ 11 = 70

  • कुल प्रकाशित-अप्रकाशित मौलिक स्वरचित एवं संपादित कृतियाँ = 70

स्फुट लेखन: 1965 से लेखनारम्भ। अद्यतन 500 से अधिक आलेख, कहानी, कविता, फीचर, रिपोर्ताज आदि देशज-विदेशज पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित।
सम्पादन-प्रकाशन:

  • 2 अक्टूबर 1976 से 'अवध-अर्चना' मासिक समाचार-पत्र का संपादन-प्रकाशन।

  • जनवरी 1977-1989 में 'अवध-अर्चना' साप्ता. समाचारपत्र का संपादन-प्रकाशन।

  • अप्रैल 1995 से अद्यतन 'अवध-अर्चना त्रैमासिक का अनवरत अद्यतन संपादन।

  • 'अवध-अर्चना' R.N.I., I.S.S.N. द्वारा सूचीबद्ध।

  • अवध-अर्चना' उ० प्र० हिन्दी संस्थान लखनऊ से पुरस्कृत।

  • पत्रिका www.awadharchana.com पर अंक 93 से उपलब्ध।

  • सह सम्पादन / सम्बद्धता: 1965-66 में 'विचारभारती' (साप्ताहिक), 1975-85 में 'छात्रमोर्चा (समाचार पत्र)', 'साकेत शोभा (दैनिक), 'अवध शोभा' (दैनिक) एवं 'सुवर्णी' (पत्रिका) से सम्बद्ध। पत्रिका 'शिक्षा-संवाद' एवं 'शिक्षा साहित्य' (फैजाबाद), 'लोकमंगल' (ग्वालियर) के विशिष्ट सहयोगी। वर्तमान में पत्रिका 'चेतनता' (गोरखपुर) के परामर्शदाता। 1975 में 'युगगति (साप्ताहिक), 1994 में 'अवधी' (पत्रिका), 1995-97 'तुलसीदल' (पत्रिका), में सह-संपादन।

व्याख्यान: 1997 से 2025 तक विभिन्न महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, अयोध्या शोध संस्थान, टी०वी०चैनलों पर एवं अन्य साहित्यिक संस्थानों में विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक तथा राष्ट्रीय विषयों पर 2 दर्जन से अधिक व्याख्यान ।
कवि सम्मेलन में सहभागिता: कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, ग्वालियर, आगरा, इलाहाबाद, गोण्डा, फैजाबाद, सुल्तानपुर, चित्रकूट, पटना आदि में विभिन्न काव्य मंचों पर काव्यपाठ।
रचना-प्रसारण: आकाशवाणी लखनऊ एवं अयोध्या से कवित्ता, कहानी, आलेख, वार्ता आदि का 1977 से अद्यतन अनेकशः प्रसारण।
अतिरिक्त साहित्यिक सामाजिक अवदान:

  • साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था 'संभव के संस्थापक अध्यक्ष। संस्थापना वर्ष 1980 से संस्था के तत्त्वावधान में अनेक प्रदेशीय और राष्ट्रीय कार्यक्रम सम्पन्न। अन्यान्य साहित्यिक, सांस्कृतिक संथाओं में सक्रिय सहभागिता।

  • राष्ट्रवादी भारतीयतावादी साहित्य के समुचित प्रसार हेतु संगठन 'राष्ट्रवादी साहित्य, संस्कृति मंच न्यास, अयोध्या' का 2023 में गठन। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में 'अवध साहित्यिक महोत्सव' हेतु विजय रंजन प्रयासरत ।

  • पैतृक ग्रामीण क्षेत्र के सांस्कृतिक, शैक्षिक विकास के निमित्त पैतृक सम्पत्ति का दान करके 'बाबू भैरव प्रसाद स्मारक न्यास, गोण्डा' की संस्थापना। पूर्वजों के नाम पर शैक्षिक संस्थान की संस्थापना हेतु प्रयासरत ।

प्रमुख सम्मान / पुरस्कार:

  • उ.प्र. हिन्दी संस्थान, लखनऊ से 'साहित्य-भूषण 2016' एवं 'सरस्वती पुरस्कार 2014

  • भारतीय वाङ्‌मय पीठ कोलकाता पश्चिम बंगाल से स्वामी विवेकानन्द पत्रकार रत्न 2015 सम्मान, साहित्य शिरोमणि 2015 सम्मान

  • साहित्य मण्डल श्रीनाथद्वारा राजस्थान से हिन्दी साहित्य विभूषण 2016 मानद उपाधि

  • अयोध्या महोत्सव समिति फैजाबाद से 'फैजाबाद रत्न 2018'

  • विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ भागलपुर बिहार से विद्यावाचस्पति सम्मान 2018'

  • बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना से 'फणीश्वरनाथ रेणु सम्मान 2024'

  • वैश्विक साहित्यिक सांस्कृतिक एवं ज्योतिष शोध संस्था कानपुर, हिन्दी युनिवर्स फाउण्डेशन नीदरलैण्ड तथा इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय

  • जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक से' लाइफटाइम एचीवमेंट्स एवार्ड 2024'

  • अमेरिकन बॉयोग्राफिकल इंस्टीट्यूट अमेरिका से बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की मानद सदस्यता के लिए 2003 में मनोनीत

  • अन्यान्य ढाई दर्जन से अधिक साहित्यिक संस्थाओं से 1978 से मई 2025 तक विविध सारस्वत सम्मान।

विशेष:

  • श्री विजय रंजन को 1976 में द्वितीय विश्व हिन्दी सम्मेलन, मारीशस के लिए कार्यकारी उच्चायुक्त मारीशस उच्चायोग नई दिल्ली द्वारा आमन्त्रित किया गया परन्तु अपरिहार्य निजी कारणों से वे सहभागिता करने से वंचित रहे।

  • दैनिक समाचार-पत्र हिन्दुस्तान फैजाबाद संस्करण तथा वर्ष 2018 में दैनिक जागरण आगरा संस्करण में एवं दैनिक जागरण की वेबसाइट में साक्षात्कार प्रकाशित। 2020 में हिन्दी दिवस पर ई-टीवी भारत द्वारा विजय रंजन के सम्बन्ध में एक फ़ीचर प्रकाशित।

  • 'साहित्यिक सांस्कृतिक शोध-संस्था, मुम्बई' द्वारा प्रकाश्य 'श्रीरामकथा विश्वकोश में उपसमन्वयक का दायित्व निर्वहन।

  • विजय रंजन के व्यक्तित्व एवं कृतित्त्व को रूपायित करती कृति समीक्षा के निकष पर विजय रंजन 2021 में प्रकाशित।

  • सम्पादकगण: डॉ. महेश दिवाकर (डी. लिट), डॉ. शिवम् तिवारी, डॉ. जयति देवी, डॉ. स्वाति रस्तोगी। प्रकाशक विश्व पुस्तक प्रकाशन, नई दिल्ली

  • विजय रंजन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को रूपायित करती कृति 'अप्रतिम साहित्यसेवी विजय रंजन' 2024 में प्रकाशित। सम्पादक: पवन बख्शी (इतिहासकार), प्रकाशक ब्लूजे बुक्स, दिल्ली

  • श्री विजय रंजन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर पत्रिका 'चेतनता' (सम्पादक डॉ. समीर कुमार पाण्डेय) में आलेख प्रकाशित।

  • श्री विजय रंजन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर पत्रिका 'पूर्वापर' (सम्पादक डॉ. सूर्यपाल सिंह) का एक अंक प्रकाशित।

  • विजय रंजन की कृतियों पर 1000 से अधिक देशज विदेशज विद्वानों से उत्साहवर्धक समीक्षाएँ एवं टिप्पणियाँ प्राप्त।