माँ बाप के बाद भाई बहन रह जाते हैं
आराधना श्रीवास्तव
माँ बाप के बाद,
भाई बहन रह जाते हैं।
दुःख सुख में सदा
साथ निभाते हैं।
कितनी भी हो
जाए तकरार,
पर भूलाते नहीं
बचपन का प्यार।
प्यार से एक दूसरे की
ज़िम्मेदारी उठाते हैं।
माँ बाप के बाद
भाई बहन रह जाते हैं।
दुःख सुख में सदा
साथ निभाते हैं।
प्रेम सूत्र में बँधे
भाई बहन,
एक की चोट
दूजा करता सहन।
अपनी चोट कम
दूसरे की ज़्यादा बताते हैं।
माँ बाप के बाद
भाई बहन रह जाते हैं।
दुःख सुख में सदा
साथ निभाते हैं।
बहन का आँचल
माँ सा प्यारा लगे,
भाई का आशीर्वाद,
जग सारा लगे।
बहन में माँ और
भाई में पिता नज़र आते हैं।
माँ बाप के बाद
भाई बहन रह जाते हैं।
स्वरचित एवं मौलिक रचना सर्वाधिकार सुरक्षित