दुर्गेश गुप्त ’राज’

दुर्गेश गुप्त ’राज’

दुर्गेश गुप्त ’राज’

जन्म : २३ अप्रैल, १९६० डबरा, जिला ग्वालियर (म.प्र.)
शिक्षा : विज्ञान एवं विधि स्नातक
सृजन : कवि/लेखक/नाटककार
प्रकाशन व प्रसारण : 
कविता संग्रह : 

  • आईना चटक गया (१९८९), 

  • कहीं कुछ नहीं काँपता (१९९८)

कहानी संग्रह : 

  • ज़िन्दा लाशों का देश (अप्रकाशित)

  • आकाशवाणी नाटक : 

  • भटकने से पहले (ग्वालियर/छतरपुर)

  • अधर में... (इन्दौर)

  • धर्म संकट (भोपाल)

  • परिवर्तन (भोपाल)

  • सौ रुपये का चक्कर (इन्दौर) 

  • समयचक्र (भोपाल)

  • प्यार किया नहीं जाता (भोपाल)

  • सौतेली (भोपाल)

विविध : 

  • राष्ट्रीय महासचिव : भारतीय भाषा प्रतिष्ठापन राष्ट्रीय परिषद (भारत)

  • संस्थापक :  अंकुर साहित्य एवं कला परिषद्‌, शिवपुरी (म.प्र.)

  • संपादक : भारतीय भाषाओं के प्रतिष्ठापन का अनुरोध

  • भारतीय भाषाओं की प्राण प्रतिष्ठा हेतु संकल्पित

  • विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कहानी, कविता, व्यंग्य, लघु कथाओं का प्रकाशन

  • अनुबंधित नाटकार आकाशवाणी भोपाल/इन्दौर/ग्वालियर

सम्मान : साहित्य मंडल श्रीनाथद्वार ने विशिष्ट हिन्दी सेवी के रूप में “संपादक रत्न” की उपाधि से सम्मानित (२००३)

लेखक की कृतियाँ

कहानी
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विशेषांक में