
शिवानी ‘शान्तिनिकेतन’
शिवानी उभरती हुई एक युवा लेखिका हैं जो आम आदमी की ज़िंदगी की कशमकश को, उसके यथार्थ को बड़ी ही सहजता से सरल शब्दों में अपनी कविताओं और कहानियों में अभिव्यक्त करती हैं। अर्थशास्त्र में परास्नातक शिवानी पश्चिम बंगाल के शान्तिनिकेतन में रहती है और विगत कई वर्षों से लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। देश के कई समाचार पत्र व पत्रिकाओं में आपकी रचनाएँ नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं।