अभाव मेरा नहीं
परिस्थितियों का

 

स्थितियाँ बदल सकतीं
केवल एक अनल-कण से।

 

धधक रही जो उरस्थ
ज्वाला अत्याचार से
संहार से।

 

होगा पगचाप दिशा-सूचक
इस विद्रोह का।

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