पुराने दिन

01-06-2020

पुराने दिन

डॉ. भावना शर्मा

लौट कर कभी दिन पुराने नहीं आते,
जो बीत गए फिर से वो ज़माने नहीं आते,


कैसे कह दूँ कि तू याद नहीं मुझे, 
मुझको अब भी जज़्बात छुपाने नहीं आते। 


तेरी हर आदत कि आदत है मुझे, 
दो-एक पल में ऐसे याराने नहीं आते,  


बदल गया है शायद अब रिवाज़-ए-मोहब्बत,  
रूठना मत लोग अब मनाने नहीं आते।

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